स्टार्टअप और उद्यमिता के लिए वित्तीय साक्षरता विषय पर इग्नू ने कराया वेबीनार

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पुखरायां कानपुर देहात कस्बा स्थित रामस्वरूप ग्राम उद्योग परास्नातक महाविद्यालय कानपुर देहात एवं इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय क्षेत्रीय केंद्र लखनऊ के संयुक्त तत्वाधान में स्टार्टअप और उद्यमिता के लिए वित्तीय जागरूकता विषय पर गूगल मीट के माध्यम से वेबीनार का आयोजन किया गया जिसके मुख्य वक्ता प्रोफेसर सैयद शाहिद मजहर व्यवसायिक प्रबंधन विभाग इंटीग्रल विश्वविद्यालय लखनऊ थे।

प्रोफेसर सैयद शाहिद मजहर ने अपने उद्बोधन में कहा कि आज हमें केवल नौकरी खोजने तक सीमित नहीं रहना है बल्कि रोजगार उत्पन्न करने की श्रेणी में आना है। वर्तमान समय में युवा नई-नई सोच,तकनीक और नवाचार के माध्यम से स्टार्टअप स्थापित कर रहे हैं। लेकिन केवल अच्छा विचार होना ही सफलता की गारंटी नहीं है। किसी भी स्टार्टअप की सफलता के पीछे सबसे महत्वपूर्ण तत्व होता है “वित्तीय साक्षरता”अर्थात Financial Literacy। जहां वित्तीय साक्षरता में धन के सही उपयोग, बचत, निवेश, बजट निर्माण, बैंकिंग, कर व्यवस्था तथा आर्थिक निर्णयों की समझ आपको स्टार्टअप के क्षेत्र में कामयाबी दिलाता है। यह वह क्षमता है जिसके माध्यम से व्यक्ति अपने धन का बुद्धिमानी से प्रबंधन करना सीखता है।यदि किसी उद्यमी के पास उत्कृष्ट व्यवसायिक विचार है लेकिन उसे यह नहीं पता कि पूंजी कैसे जुटाई जाए, खर्च कैसे नियंत्रित किया जाए, लाभ-हानि का मूल्यांकन कैसे किया जाए, तो उसका व्यवसाय लंबे समय तक सफल नहीं हो सकता।

स्टार्टअप और वित्तीय ज्ञान का संबंध वह समझ के माध्यम से आज भारत विश्व के प्रमुख स्टार्टअप देशों में शामिल हो चुका है। युवा नए क्षेत्रों में कार्य कर रहे हैं, जैसे डिजिटल टेक्नोलॉजी, कृषि, शिक्षा, स्वास्थ्य, ई-कॉमर्स और कृत्रिम बुद्धिमत्ता। लेकिन इन सभी क्षेत्रों में सफलता पाने के लिए आर्थिक अनुशासन अत्यंत आवश्यक है।

कार्यक्रम की अध्यक्षता इग्नू क्षेत्रीय केंद्र लखनऊ के वरिष्ठ क्षेत्रीय निदेशक एवं प्रमुख डॉ अनिल कुमार मिश्रा ने करते हुए कहा कि एक उद्यमी को कुछ महत्वपूर्ण बातों पर ध्यान केंद्रित करना जैसे आय और व्यय का संतुलन,नकदी प्रवाह का प्रबंधन,बैंकिंग एवं डिजिटल भुगतान,निवेश और बचत,ऋण एवं ब्याज की समझ,कर प्रणाली की जानकारी आदि जब व्यक्ति इन बातों को समझ लेता है, तब वह अपने व्यवसाय को स्थिर और मजबूत बना सकता है।

कार्यक्रम का संचालन निदेशक डॉ रीना कुमारी ने करते हुए कहा कि वित्तीय शिक्षा केवल व्यवसायियों के लिए नहीं, बल्कि प्रत्येक छात्र के लिए आवश्यक है। यदि विद्यार्थी प्रारंभ से ही बचत, बजट और निवेश की आदत सीख लेते हैं, तो वे भविष्य में आत्मनिर्भर और जिम्मेदार नागरिक बनते हैं।आज डिजिटल युग में UPI, नेट बैंकिंग, ऑनलाइन निवेश और डिजिटल भुगतान का उपयोग तेजी से बढ़ रहा है। ऐसे में वित्तीय जागरूकता और भी आवश्यक हो जाती है।

महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो हरीश कुमार सिंह ने कहा कि एक सफल उद्यमी में केवल साहस ही नहीं, बल्कि आर्थिक समझ भी होनी चाहिए। उसे जोखिम उठाने की क्षमता,सही निर्णय लेने की योग्यता, समय प्रबंधन,वित्तीय अनुशासन, और दूरदर्शिता विकसित करनी चाहिए।जो व्यक्ति अपने धन का सही उपयोग करना जानता है, वही अपने व्यवसाय को आगे बढ़ा सकता है।

कार्यक्रम के अंत में इग्नू समन्वयक डॉ पर्वत सिंह ने अतिथियों के प्रति आभार प्रकट करते हुए कहा कि भारत सरकार ने युवाओं को उद्यमिता के लिए प्रेरित करने हेतु अनेक योजनाएँ प्रारंभ की हैं, जैसे स्टार्टअप इंडिया,मुद्रा योजना,स्टैंड अप इंडिया,डिजिटल इंडिया आदि जिनका प्रयोग कर युवा न सिर्फ अपने भविष्य को उज्जवल कर सकते हैं,बल्कि रोजगार देने वालों की कतार में खड़े होकर राष्ट्र निर्माण में सहभागी बन सकते हैं।

इस अवसर पर निदेशक डॉ अनामिका सिन्हा, डॉ जयप्रकाश वर्मा, सहायक कुलसचिव डॉ निशीथ नागर, तथा विभिन्न अध्ययन केंद्र के प्राचार्य, समन्वयक, सह समन्वयक एवं विद्यार्थी मौजूद रहे।

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