इग्नू ने जुलाई 2026 सत्र में पीएचडी कार्यक्रम में प्रवेश की प्रक्रिया प्रारंभ की-डॉ अनिल कुमार मिश्रा

वरिष्ठ क्षेत्रीय निदेशक डॉ अनिल कुमार मिश्रा ने बताया कि इग्नू ने मनोविज्ञान, मानव विज्ञान, राजनीति शास्त्र, लोक प्रशासन, जैव रसायन विज्ञान, रसायन विज्ञान,भूगोल,भू विज्ञान, जीव विज्ञान, भौतिकी, सांख्यिकी, गणित, संस्कृत, हिंदी, अंग्रेजी, कंप्यूटर विज्ञान, शिक्षा, दूरस्थ शिक्षा, पर्यावरण विज्ञान, ललित कला, रंगमंच, संगीत, नृत्य, समाज कार्य, प्रबंधन, वाणिज्य, पोषण विज्ञान, बाल विकास, गृह विज्ञान, व्यावसायिक शिक्षा, विकास अध्ययन, जेंडर और डेवलपमेंट अध्ययन, अनुवाद अध्ययन, फ्रेंच, अरबी, पत्रकारिता और जनसंचार कार्यक्रमों में अनुसंधान उपाधि के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं।
डॉ मिश्रा ने आगे बताते हुए कहा कि इग्नू की पीएचडी उपाधि को यूजीसी नियमावली 2022 के अनुरूप तैयार किया गया है। जिसमें परास्नातक उपाधि 55% अंकों के साथ वही एससी ,एसटी, ओबीसी एवं ईडब्ल्यूएस वर्ग में 50 प्रतिशत अंकों के साथ उत्तीर्ण होना अनिवार्य है। विश्वविद्यालय ने पूर्णकालिक एवं अंशकालिक दोनों ही श्रेणियों में पीएचडी कार्यक्रम ऑफर किया है। ऐसे में वे सभी कार्यरत अभ्यर्थी जो अंशकालिक पीएचडी कार्यक्रम में प्रवेश लेना चाहते हैं, उन्हें अपने विभाग से अनापत्ति प्रमाण पत्र लेना आवश्यक है। डॉ मिश्रा ने कहा कि दोनों ही श्रेणियों के अभ्यर्थियों को छ: माह का कोर्स वर्क इग्नू मुख्यालय, नई दिल्ली में करना अनिवार्य है।

क्षेत्रीय निदेशक डॉ अनामिका सिन्हा ने बताया कि इस कार्यक्रम में प्रवेश लेने हेतु चार श्रेणियों में आवेदन किया जा सकता है। प्रथम श्रेणी में अभ्यर्थी को यूजीसी नेट के साथ जेआरएफ परीक्षा उत्तीर्ण होना आवश्यक है। इस श्रेणी में प्रवेश साक्षात्कार के माध्यम से दिया जाएगा। द्वितीय एवं तृतीय श्रेणी में अभ्यर्थी का यूजीसी नेट उत्तीर्ण होना आवश्यक है, एवं इसमें प्रवेश के लिए 70% वरीयता नेट के स्कोर एवं 30% वरीयता साक्षात्कार पर आधारित होगी। चतुर्थ श्रेणी के अभ्यर्थियों को विश्वविद्यालय की प्रवेश परीक्षा में सम्मिलित होना आवश्यक होगा, तथा इसमें प्रवेश के लिए 70% वरीयता प्रवेश परीक्षा के स्कोर एवं 30% वरीयता साक्षात्कार पर आधारित होगी। चयनित अभ्यर्थियों का साक्षात्कार इग्नू मुख्यालय मैदान गढ़ी नई दिल्ली में आयोजित किया जाएगा। साक्षात्कार में अनुसंधान क्रियाविधि, विषय विशेषज्ञता तथा संचार कौशल विषयों पर प्रश्न किए जा सकते हैं।

डॉ सिन्हा ने बताया कि चयनित अभ्यर्थी कार्यक्रम को न्यूनतम 3 वर्षों में तथा अधिकतम 6 वर्षों में पूर्ण कर सकते हैं।
