स्टार्टअप के लिए कैपिटल जुटाना और फाइनेंस मैनेजमेंट विषय पर इग्नू ने कराया वर्कशॉप

प्रोग्राम की अध्यक्षता डॉ. अनिल कुमार मिश्रा, सीनियर रीजनल डायरेक्टर और हेड, IGNOU रीजनल सेंटर, लखनऊ ने की। अपने उद्घाटन भाषण में, उन्होंने सस्टेनेबल स्टार्ट-अप्स बनाने में इनोवेशन, एंटरप्रेन्योरशिप और फाइनेंशियल लिटरेसी के महत्व पर ज़ोर दिया। उन्होंने स्टूडेंट्स, रिसर्च स्कॉलर और उभरते हुए एंटरप्रेन्योर्स को अपनी एंटरप्रेन्योरियल क्षमताओं को मज़बूत करने के लिए ऐसी नॉलेज-शेयरिंग पहलों में एक्टिव रूप से भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया।

मुख्य भाषण डॉ. भूपेंद्र बहादुर तिवारी, प्रोफेसर और डायरेक्टर, स्कूल ऑफ़ इकोनॉमिक्स एंड कॉमर्स, CMR यूनिवर्सिटी, बेंगलुरु ने दिया। उन्होंने स्टार्ट-अप फाइनेंसिंग के अलग-अलग सोर्स, जैसे बूटस्ट्रैपिंग, एंजल इन्वेस्टमेंट, वेंचर कैपिटल, बैंक फाइनेंस, सरकारी सपोर्ट स्कीम और क्राउडफंडिंग के बारे में कीमती जानकारी शेयर की। उन्होंने फाइनेंशियल प्लानिंग, कैश फ्लो मैनेजमेंट, बजटिंग, इन्वेस्टर की उम्मीदों और सफल फंडिंग प्रपोज़ल तैयार करने की स्ट्रेटेजी के बारे में भी डिटेल में बताया। इंटरैक्टिव सेशन में एक्टिव पार्टिसिपेशन देखा गया, जिसमें कीनोट स्पीकर ने पार्टिसिपेंट्स के कई सवालों के जवाब दिए।

प्रोग्राम को डॉ. जय प्रकाश वर्मा, रीजनल डायरेक्टर, IGNOU रीजनल सेंटर, लखनऊ और नोडल ऑफिसर, इनोवेशन क्लब ने कोऑर्डिनेट किया। उन्होंने पार्टिसिपेंट्स का स्वागत किया, कीनोट स्पीकर का परिचय कराया और लर्नर्स और एकेडमिक कम्युनिटी के बीच इनोवेशन, एंटरप्रेन्योरशिप और एक एंटरप्रेन्योरियल इकोसिस्टम को बढ़ावा देने में इनोवेशन क्लब की भूमिका पर रोशनी डाली।

महाविद्यालय के प्राचार्य प्रोफेसर हरीश कुमार सिंह ने इग्नू द्वारा कराए गए वर्कशॉप की सराहना करते हुए कहा कि विकसित भारत की संकल्पना शाखा करने में इस तरह के वर्कशॉप का बहुत अधिक महत्व है।
वर्कशॉप में IGNOU रीजनल सेंटर, लखनऊ के ऑफिसर्स, जिनमें डॉ. रीना कुमारी, डॉ. अनामिका सिन्हा और डॉ. निशीथ नागर शामिल थे।

कार्यक्रम के अंत में डॉ. पर्वत सिंह ने सभी अतिथियों के प्रति धन्यवाद ज्ञापन करते हुए कहा कि स्टार्टअप के लिए जहां एक और महत्वपूर्ण फाइनेंस का मैनेजमेंट करना है वहीं वैल्यू इंक्रीज करना अति आवश्यक है क्योंकि जब तक कंज्यूमर को सेटिस्फाई नहीं कर पाएंगे तब तक हमारा बिज़नेस बिस्तर नहीं ले सकता।
