प्रमाण-पत्र पाठ्यक्रमों की उपयोगिता पर इग्नू द्वारा कार्यशाला आयोजित

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पुखरायां, कानपुर देहात। इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (इग्नू) द्वारा प्रमाण-पत्र पाठ्यक्रमों की उपयोगिता एवं महत्व को लेकर एक जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में विद्यार्थियों, शिक्षार्थियों एवं उपस्थित प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र पाठ्यक्रमों के माध्यम से कौशल विकास, रोजगार के अवसर तथा व्यावसायिक दक्षता बढ़ाने के संबंध में विस्तृत जानकारी दी गई।

कार्यक्रम की अध्यक्षता इग्नू क्षेत्रीय केंद्र लखनऊ के वरिष्ठ क्षेत्रीय निदेशक एवं प्रमुख डॉ अनिल कुमार मिश्रा ने करते हुए कहा कि

वर्तमान समय में केवल पारंपरिक शैक्षणिक डिग्री ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि रोजगार एवं स्वरोजगार के लिए व्यावहारिक ज्ञान और अतिरिक्त कौशल भी आवश्यक हैं। ऐसे में इग्नू के प्रमाण-पत्र पाठ्यक्रम विद्यार्थियों एवं अन्य शिक्षार्थियों के लिए कम समय में उपयोगी एवं रोजगारपरक ज्ञान प्राप्त करने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं।

कार्यक्रम की कन्वीनर क्षेत्रीय निदेशक डॉ रीना कुमारी ने प्रमाण-पत्र पाठ्यक्रमों की विशेषताओं पर प्रकाश डालते हुए बताया कि इग्नू द्वारा संचालित प्रमाण पत्र कोर्स जिसमें प्रमुख रूप से भोजन एवं पोषण में प्रमाण पत्र, आपदा प्रबंधन में प्रमाण पत्र ,पर्यावरण अध्ययन में प्रमाण पत्र, व्यावसायिक प्रबंधन में प्रमाण पत्र ,उपभोक्ता संरक्षण में प्रमाण पत्र ,मानवाधिकार में प्रमाण पत्र, मधुमक्खी पालन में प्रमाण पत्र, जैविक खेती में प्रमाण पत्र, मार्गदर्शन में प्रमाण पत्र, साइबर अपराध में प्रमाण पत्र आदि पाठ्यक्रमों के माध्यम से शिक्षार्थी अपनी रुचि एवं आवश्यकता के अनुरूप विभिन्न क्षेत्रों में ज्ञान और कौशल अर्जित कर सकते हैं। इससे विद्यार्थियों को प्रतियोगी वातावरण में अपनी योग्यता बढ़ाने तथा रोजगार के नए अवसर तलाशने में सहायता मिलेगी।

महाविद्यालय के प्राचार्य प्रोफेसर हरीश कुमार सिंह ने कार्यशाला में इग्नू के विभिन्न पाठ्यक्रमों, प्रवेश प्रक्रिया, अध्ययन की सुविधाओं तथा प्रमाण-पत्र पाठ्यक्रमों से होने वाले लाभों के बारे में जानकारी दी तथा विद्यार्थियों के लिए उपयोगी बताया।

अध्ययन केंद्र 27211 के समन्वयक डॉ पर्वत सिंह ने बताया कि  प्रतिभागियों ने कार्यशाला में उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए विभिन्न प्रश्न पूछे, जिनका विशेषज्ञों द्वारा समाधान किया गया।

साथ ही कहा कि जुलाई 2026 की चल रही प्रवेश प्रक्रिया की अंतिम तिथि 31 अगस्त 2026 है जिन विद्यार्थियों को किसी भी कोर्स में प्रवेश लेना है वह अध्ययन केंद्र के कार्यालय आकर संपर्क कर सकते हैं।

इस अवसर पर निदेशक डॉ अनामिका सिन्हा, डॉ जयप्रकाश वर्मा, सहायक कुलसचिव डॉ निशीथ नागर, गोस्वामी तुलसीदास महाविद्यालय चित्रकूट के समन्वयक सहित विभिन्न अध्ययन केंद्र के समन्वयक, प्राचार्य ,विद्यार्थी सहभागी बने।

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