जगतगुरु प्रियदर्शी जी महाराज की जन्म भूमि में भगवान श्रीकृष्ण की छठी का भव्य आयोजन
इस अवसर पर मंदिर परिसर को आकर्षक ढंग से सजाया गया। संगीत, भजन और श्रीकृष्ण की लीलाओं से जुड़े भक्तिमय कार्यक्रमों ने वातावरण को पूरी तरह कृष्णमय बना दिया। श्रद्धालु भक्ति गीतों पर भाव-विभोर होकर झूमते नजर आए।

कार्यक्रम के दौरान भगवान श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप का विधिवत पूजन-अर्चन किया गया तथा छठी उत्सव की परंपराओं का निर्वहन किया गया। भजन-कीर्तन और संगीत की मधुर प्रस्तुतियों ने श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक आनंद से भर दिया।
आयोजकों ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण की छठी का यह आयोजन भारतीय सनातन संस्कृति, भक्ति और सामाजिक एकता का प्रतीक है। कार्यक्रम के अंत में श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरण किया गया।

पूरे आयोजन के दौरान ‘जय श्रीकृष्ण’ के जयघोष से श्रीकृष्ण धाम का वातावरण भक्तिमय बना रहा।
आयोजक समिति के संरक्षक श्रीप्रकाश द्विवेदी, शैलेंद्र द्विवेदी, अर्पित द्विवेदी, मोहित द्विवेदी, राजेश मिश्रा, सीताराम पाल, पप्पू पंडित यशपाल सहित विभिन्न लोगों ने श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया।

