“जनरेटिव एआई: आधुनिक एआई कैसे सीखने, सृजन और आजीविका अर्जित करने में सहायक हो सकता है” विषय पर इग्नू ने कराया वर्कशॉप

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पुखरायां कानपुर देहात: कस्बा स्थित रामस्वरूप ग्राम उद्योग परास्नातक महाविद्यालय पुखरायां में संचालित इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय इग्नू प्रोग्राम के समन्वयक डॉ पर्वत सिंह ने बताया कि इग्नू क्षेत्रीय केन्द्र, लखनऊ के इनोवेशन क्लब द्वारा आज गूगल मीट के माध्यम से कार्यशाला का आयोजन किया गया जिसका उद्देश्य शिक्षार्थियों, शिक्षकों, शोधार्थियों, उद्यमियों एवं विभिन्न क्षेत्रों के पेशेवरों को जनरेटिव आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (Generative AI) की परिवर्तनकारी क्षमता तथा शिक्षा, नवाचार, सृजनात्मकता, कौशल विकास एवं रोजगार सृजन में इसके व्यावहारिक उपयोगों से अवगत कराना था।

कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ. अनिल कुमार मिश्र, वरिष्ठ क्षेत्रीय निदेशक एवं अध्यक्ष, इग्नू क्षेत्रीय केन्द्र, लखनऊ ने की। अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में उन्होंने उच्च शिक्षा के क्षेत्र में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (Artificial Intelligence) के बढ़ते महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वर्तमान डिजिटल युग में विद्यार्थियों एवं पेशेवरों के लिए एआई आधारित दक्षताओं का विकास अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने प्रतिभागियों को नैतिक मूल्यों एवं शैक्षणिक ईमानदारी का पालन करते हुए एआई तकनीकों का जिम्मेदारीपूर्वक उपयोग करने के लिए प्रेरित किया।

कार्यक्रम के मुख्य वक्ता श्री कुणाल सिल्कू, आईएएस, विशेष सचिव (श्रम), उत्तर प्रदेश शासन थे। उन्होंने जनरेटिव एआई के नवीनतम विकासक्रम, शिक्षा, शासन, उद्योग, उद्यमिता एवं श्रम बाजार पर इसके व्यापक प्रभाव तथा भविष्य की संभावनाओं पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि एआई आधारित तकनीकें सीखने, सामग्री निर्माण, निर्णय-निर्माण, उत्पादकता एवं नवाचार के क्षेत्र में क्रांतिकारी परिवर्तन ला रही हैं। उन्होंने एआई के नैतिक एवं उत्तरदायित्वपूर्ण उपयोग पर विशेष बल देते हुए कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता मानव क्षमता का विकल्प नहीं, बल्कि उसे और अधिक सशक्त बनाने का माध्यम है। उन्होंने प्रतिभागियों को आजीवन अधिगम, व्यावसायिक उत्कृष्टता, नवाचार, उद्यमिता तथा आजीविका के नए अवसरों के लिए एआई आधारित तकनीकों का प्रभावी उपयोग करने हेतु प्रेरित किया।

 

कार्यक्रम का समन्वयन डॉ. जय प्रकाश वर्मा, क्षेत्रीय निदेशक एवं नोडल अधिकारी (इनोवेशन क्लब), इग्नू क्षेत्रीय केन्द्र, लखनऊ द्वारा किया गया। उन्होंने सभी प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए इनोवेशन क्लब के उद्देश्यों पर प्रकाश डाला तथा शिक्षार्थियों में नवाचार, तकनीकी जागरूकता एवं उद्यमशीलता की भावना विकसित करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि उभरती हुई प्रौद्योगिकियों को शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया का अभिन्न अंग बनाना समय की आवश्यकता है तथा एआई उपकरणों का उपयोग सदैव नैतिकता एवं शैक्षणिक मूल्यों के अनुरूप किया जाना चाहिए।

महाविद्यालय के प्राचार्य प्रोफेसर हरीश कुमार सिंह ने कहा कि आज तकनीक का युग है जो व्यक्ति अपने आप को तकनीक के साथ अपडेट करता है निश्चित रूप से वह समाज में प्रतिमान स्थापित करता है, इसलिए प्रत्येक विद्यार्थी को एआई के महत्व को समझना चाहिए।

कार्यशाला में डॉ. अश्विनी कुमार, वरिष्ठ क्षेत्रीय निदेशक एवं प्रभारी, इग्नू क्षेत्रीय मूल्यांकन केन्द्र (REC), लखनऊ; डॉ. रीना कुमारी एवं डॉ. अनामिका सिन्हा, क्षेत्रीय निदेशक; डॉ. निशीथ नागर, सहायक कुलसचिव; अध्ययन केन्द्रों के समन्वयक एवं सह-समन्वयक उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के अंत में डॉ. पर्वत सिंह,ने औपचारिक धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत करते हुए अध्यक्ष महोदय, मुख्य वक्ता, सभी विशिष्ट अतिथियों, प्रतिभागियों एवं आयोजन समिति के सदस्यों के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया तथा कार्यक्रम की सफलता में उनके अमूल्य योगदान की सराहना की।

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