गुरु के आशीर्वाद से प्राप्त हुई निरंकार की रहमत – रामचंद्र शास्त्री

0
IMG-20250110-WA0002

भोगनीपुर में निरंकारी सद्गुरु माता सुदीक्षा जी महाराज व राजापिता रमित जी के पावन आशीर्वाद से महात्मा रामचंद्र शास्त्री ने कहा कि गुरु चरणों में प्रीत निभ जाये । प्रयास गुरु सिखों के द्वारा बने रहे हैं ।और जो जो भी आदेश उपदेश आगे से भी प्राप्त हो रहे हैं । उन सेवाओं को हम करते चले जाएं बड़भागी हैं । महात्मा रामचंद्र शास्त्री शुक्रवारको भोगनीपुर मे बोल रहे थे l सेवाएं महापुरुषों के आशीर्वाद से प्राप्त हो रही और गुरु के आशीर्वाद से मिल रही है। क्योंकि जो कुछ भी है इन गुरु चरणों में ही है गुरु के चरणों के अलावा और सुख आनंद की प्राप्तियां और कहीं नहीं है जितने भी सकल पदार्थ हैं सब गुरु के चरणों में है वहीं से सभी अनुभूतियां दिव्य आनंद प्राप्त होता है और जीवन प्रभु भक्ति की ओर और परमात्मा की भक्ति की ओर चला चला जाता है । जो जो भी सेवाएं आ रही है करते चले है ।और सेवाओं को रखते हुए जो आशीर्वाद आते हैं और दुर्लभ होते हैं । वह केवल गुरु के आदेश को और परमात्मा के आदेश को सर्वोपरि मानकर करके समर्पित भावना से सचेत चैतन्य अवस्थाओं। वह उन सेवाओं को बेहतरीन तरीके से गुर मनुष्य पतन की राहों पर चल रहे थे उन्हें सत्य मार्ग की और ले जाकर के महापुरुषों ने संतों ने कई कुल तार दिएं है। सत्संग में जाने वाला हर समय परमात्मा का यशगान करता है। परमात्मा के गुण गाता है और औरों को भी भक्ति की मार्ग की ओर ले जाने वाला होता है। निरंकारी सत्संग में पहुंची वृंदावन की कथा वाचिका विशाखा सखी ने कहा कि गुरु के शरण से परमात्मा की प्राप्त होती है हमें हर समय परमात्मा में मन लगाना चाहिए इस निराकार का दर्शन हो जाता है इस अवसर पर बीके यादव संजय विनोद भोम सिंह प्रतीक संतोष गुप्ता राजा बाई श्यामा राधिका अर्चना आदि उपस्थित थे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

अन्य ख़बरें