रामस्वरूप पीजी कॉलेज में एमएसएमई की उद्यमिता व साइबर सुरक्षा कार्यशाला

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पुखरायां कानपुर देहात कस्बा स्थित रामस्वरूप ग्राम उद्योग परास्नातक महाविद्यालय पुखरायां में आज एमएसएमई मंत्रालय के कानपुर सेंटर द्वारा उद्यमिता, वित्तीय साक्षरता एवं साइबर सुरक्षा पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया।

कानपुर सेंटर के डायरेक्टर पी सिवान ने अपने प्रेजेंटेशन में कहा कि भारत सरकार का लक्ष्य स्वतंत्रता की शताब्दी वर्ष तक भारत को “विकसित भारत” बनाना है, इसके लिए एमएसएमई की बहुत ही महत्वपूर्ण भूमिका है क्योंकि जब तक स्किल को डेवलप नहीं किया जाएगा विकास की कल्पना भी संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि 1978 में जर्मन और डेनमार्क द्वारा भारत का स्टडी किया गया और देखा गया कि यहां के युवाओं में स्किल की बहुत कमी है इसको पूरा करने के लिए एमएसएमई विकास अधिनियम 2006 जिसका लक्ष्य युवाओं में स्किल को डेवलप कर उद्यमी बनाना, और जब युवा उद्यमी होंगे, तब जो भारत आज दुनिया के लिए एक उपभोक्ता बाजार के रूप में प्रयोग किया जाता है वह अपना उद्यम स्थापित करके दुनिया को बाजार के रूप में प्रयोग करने वाला साबित होगा, इसके लिए लाइफ गोल सेट करना आवश्यक है। डायरेक्टर ने अपने प्रेजेंटेशन में एक उद्योग में किस तरह से प्रोडक्शन होता है ,कैसे मशीनों को डिजाइन किया जाता है, कैसे वह मशीन वर्क करते हैं आदि को विद्यार्थियों के सामने प्रेजेंटेशन के माध्यम से दिखाने का कार्य किया। 

डॉ निहारिका गुप्ता असिस्टेंट प्रोफेसर ए एन डी कॉलेज कानपुर ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए वित्तीय जागरूकता एवं साइबर सुरक्षा के बारे में अनेक टिप्स दिए। जिसमें साइबर सुरक्षा के संबंध में चर्चा करते हुए कहा कि साइबर अपराधी आपके मस्तिष्क को सबसे पहले पढ़ते हैं इसके उपरांत आपका डाटा को हैक कर आपके साथ साइबर क्राइम करते हैं। साइबर क्राइम को केवल जागरूकता से कम किया जा सकता हैं अथवा अपने आप को बचाया जा सकता है। इसके लिए फोन में किसी भी तरह के नोटिफिकेशन को ऑफ करके रखें, कॉल मर्जन से बचना है,ऑनलाइन गेम से बचाना है, किसी को ओटीपी शेयर करने से बचाना है, किसी के द्वारा किसी तरह के दिए गए आर्थिक प्रलोभन से बचाना है। इन सजकता के साथ हम अपने साथ होने वाली ठगी से अपने आप को बचा सकते हैं।

डॉ पुरुषोत्तम पोरवाल असिस्टेंट प्रोफेसर ए एन डी कॉलेज कानपुर ने वित्तीय जागरूकता के विषय में बताया कि जहां एक ओर पैसे को कमाना आवश्यक होता है, वहीं दूसरी ओर वित्तीय प्रबंधन उससे भी अधिक आवश्यक होता है क्योंकि जब तक हम सजकता के साथ वित्तीय प्रबंधन नहीं करेंगे हमारी प्रगति संभव नहीं है।

प्राचार्य प्रोफेसर हरीश कुमार सिंह ने अतिथियों के प्रति स्वागत करते हुए कहा कि आज के युवाओं के अंदर कौशल की कमी नहीं है किंतु आवश्यकता इस बात की है कि अपने कौशल को कैसे सकारात्मक प्रयोग में लाएं और इसके लिए आज की यह कार्यशाला बड़ी उपयोगी साबित होगी।

प्रोफेसर सविता गुप्ता ने धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि एक दिवसीय कार्यशाला विद्यार्थियों को लक्ष्य निर्धारित करने में सहायक साबित होगी, और जब एक बार हमारे मन में अवसर के प्रति विकल्प आता है तो निश्चित रूप से हम शिखर को प्राप्त कर सकते हैं।

कार्यक्रम का संचालन इग्नू समन्वयक डॉ पर्वत सिंह ने करते हुए उद्यमिता के महत्व पर प्रकाश डाला। इस अवसर पर डॉ प्रबल प्रताप सिंह तोमर, डॉ रविंद्र सिंह, डॉ रमणीक श्रीवास्तव, डॉ जितेंद्र कुमार डॉ निधि अग्रवाल डॉ अंशुमान उपाध्याय डॉ इदरीश खान, संजय सिंह सहित समस्त विद्यार्थी मौजूद रहे।

 

कॉलेज की वेबसाइटhttps://rsgupgcollege.org.in/

 

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