भक्ति रस में सराबोर हुआ श्री कृष्ण गौर धाम, धूमधाम से मनाई गई गुरु पूर्णिमा

।।आजु श्री गुरु पूर्णिमा है।।
कृष्ण संकीर्तन श्रवण करि,
कलि सहम कर रह गया है ।
प्रेम की धारा विमल में,
कलुष मन का बह गया है।
नृत्य लखि चैतन्य को,
चैतन्यता सी छा गई है।
कृष्ण परम कृपालु हैं यह,
बात सब को भा गई है।
ज्योति का विस्तार लख लख कर,
छिपि गई लज्जित अमा है।

आजु श्री गुरु पूर्णिमा है।।
परम गुरु श्री व्यास जी की,
मूर्ति चौकी पर सजाई।
दाहिने आचार्य श्री की,
आसनी सुन्दर बिछाई।
द्वार कदली खम्ब बन्दन,
वार की शोभा घनी है।
और झालर विविध फूलों,
की सजी सुन्दर बनी है ।
सजा पूजा घर सुघर लखि,
भक्त जन का मन रमा है।

।। आजु श्री गुरु पूर्णिमा है।।
बोल हरि हरि बोल कीर्तन,
गूंजता कैसा भवन में।
नृत्य मय सबका मगन मन,
झूमता अनुराग तन से।
गाय गोबर से लिपा गृह,
बन रहा है परम पावन।
और उस पर रेशमी सुन्दर,
परम कैसा बिछावन।
जो सितारों से जड़ा,
कैसा रहा वह चमचमा है।

।। आजु श्री गुरु पूर्णिमा है।।
सामने है थाल पूजा,
का सुघर सामान साजे।
विमल सुन्दर अमनिया फल,
निरखि कस ऋतुराज लाजे।
एक थाली धूप दीपरु,
आरती सुन्दर सजाये।
विविध सामग्री सुपूजन,
की लिऐ कैसी सुहाये।
आज शिव के साथ लख,
मुदित मन कैसी उमा है।
।। आजु श्री गुरु पूर्णिमा है।।
श्लोक श्री मद भागवत के,
स्वर्ण अक्षर में दिखाते।
जिन्हें पढ़ कर रसिक जन रस,
डूब नच नच झूमि जाते।
मधुर पंचामृत सजाये
पात्र मिट्टी का सुहाये।
देह नश्वर में अमर जिमि
अंश ईश्वर जीव छाये ।
दृश्य रस मधु अमियमय लखि,
।। आजु श्री गुरु पूर्णिमा है।।

इस अवसर पर श्री कृष्णा गौर धाम के संरक्षक श्री प्रकाश द्विवेदी, नगर पालिका परिषद पुखरायां के अध्यक्ष प्रतिनिधि करुणा शंकर दिवाकर, महाविद्यालय के प्राचार्य प्रोफेसर हरीश कुमार सिंह, राजेश चंद्र मिश्रा मोहित द्विवेदी विकास द्विवेदी सीताराम यशपाल सहित अनेक कृष्ण भक्त भक्ति के रस में सराबोर और दिखाई दिए।
