NEP-2020 की छठी वर्षगांठ पर इग्नू का विशेष वेबीनार, ‘विकसित भारत’ में शिक्षा की भूमिका पर मंथन

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पुखरायां कानपुर देहात कस्बा स्थित रामस्वरूप ग्राम उद्योग परास्नातक महाविद्यालय पुखरायां में संचालित इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय इग्नू अध्ययन केंद्र 27211 के समन्वयक डॉ पर्वत सिंह ने बताया कि आज इग्नू क्षेत्रीय केंद्र लखनऊ द्वारा“राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020: विकसित भारत के लिए शिक्षा का रूपांतरण” विषय पर एक ऑनलाइन विशेष व्याख्यान का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ. अनिल कुमार मिश्र, वरिष्ठ क्षेत्रीय निदेशक एवं अध्यक्ष, इग्नू क्षेत्रीय केन्द्र, लखनऊ ने की। अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में उन्होंने राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 की छह वर्षों की उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह नीति समग्र, बहुविषयक, कौशल-आधारित तथा विद्यार्थी-केंद्रित शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल है। उन्होंने विकसित भारत के निर्माण में नवाचार, अनुसंधान तथा गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की महत्त्वपूर्ण भूमिका पर भी बल दिया।

कार्यक्रम के मुख्य वक्ता प्रो. सुभाष मिश्र, शिक्षा विभाग, बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय (बीबीएयू), लखनऊ थे। उन्होंने अपने व्याख्यान में राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के छह वर्षों की उपलब्धियों का विस्तृत विश्लेषण प्रस्तुत किया। उन्होंने उच्च शिक्षा में गुणवत्ता, समानता, लचीलापन, भारतीय ज्ञान परंपरा, कौशल विकास, अनुसंधान एवं रोजगारोन्मुख शिक्षा को बढ़ावा देने में एनईपी-2020 की भूमिका पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने यह भी बताया कि वर्ष 2047 तक ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य को प्राप्त करने में उच्च शिक्षण संस्थानों की भूमिका अत्यंत महत्त्वपूर्ण है। महाविद्यालय के प्राचार्य प्रोफेसर हरीश कुमार सिंह ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति क्रियान्वयन एवं महत्व पर प्रकाश डालते हुए शिक्षाविदों एवं शिक्षार्थियों का आवाहन करते हुए कहा कि जहां शिक्षा विद राष्ट्रीय शिक्षा नीति के प्रत्येक नियमावली को प्रतिबद्धता के साथ लागू करें वही विद्यार्थी पूरे मनोयोग से स्वीकार कर राष्ट्र निर्माण में भागीदार बने।

कार्यक्रम का समन्वय डॉ. जय प्रकाश वर्मा, क्षेत्रीय निदेशक एवं नोडल अधिकारी (इनोवेशन क्लब), इग्नू क्षेत्रीय केन्द्र, लखनऊ द्वारा किया गया। उन्होंने सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए कार्यक्रम के उद्देश्य एवं नवाचार क्लब की गतिविधियों की जानकारी दी तथा राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के प्रति जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता पर बल दिया।

इस ऑनलाइन व्याख्यान में विभिन्न विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों के शिक्षकगण, शैक्षणिक परामर्शदाता, शोधार्थी, विद्यार्थी, शिक्षार्थी तथा पूर्व छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। व्याख्यान के उपरांत आयोजित संवाद सत्र में प्रतिभागियों ने अनेक प्रश्न पूछे, जिनका मुख्य वक्ता ने विस्तारपूर्वक उत्तर दिया। प्रतिभागियों ने व्याख्यान को अत्यंत ज्ञानवर्धक एवं प्रेरणादायक बताया।

डॉ पर्वत सिंह, समन्वयक इग्नू अध्ययन केंद्र ने धन्यवाद ज्ञापन के साथ सभी अतिथियों, प्रतिभागियों एवं आयोजन समिति के प्रति आभार व्यक्त किया l यह विशेष व्याख्यान राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के उद्देश्यों के प्रभावी क्रियान्वयन तथा “विकसित भारत” के निर्माण के लिए शिक्षा की महत्त्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित करने में अत्यंत सफल रहा।

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